क्या आप जानते हैं कि हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने जनहित याचिका दायर करने वाले पक्षकारों से 1000000 रुपए वसूलने का पुलिस को निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ता से  दस लाख वसूलने का सुप्रिम आदेश 

सन 2017 से 2018 के बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश श्री दीपक मिश्रा थे जिनकी नियुक्ति को स्वामी ओम और मुकेश जैन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।                        .

सुप्रीम कोर्ट 24 अगस्त 2017 को ही स्वामी ओम और मुकेश जैन नाम के व्यक्तियों की याचिका को खारिज कर दिया था।                           .

जस्टिस दिवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पादरी वाला की बेंच ने पुलिस को प्रत्येक याचिकाकर्ता से 1000000 रुपए वसूलने के निर्देश दिए हैं।                           .

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है की याचिका पूरी तरह से प्रेरित और पब्लिसिटी स्टंट के लिए की गई थी जिसकी सभी तरफ से निंदा होनी आवश्यक है।

इस प्रकार की याचिका दाखिल कर सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने को हतोत्साहित करना आवश्यक है अतः याचिकाकर्ताओं पर ₹1000000 का जुर्माना लगाया था। 

एडीशनल सॉलीसीटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अब अदालत के आदेश का पालन सुनिश्चित करेंगे। 

कोर्ट ने इस मामले में 3 महीने बाद कंप्लायंस रिपोर्ट तलब करने की बात कहकर 7 नवंबर को अगली सुनवाई करेगी।