क्या आप जानते हैं कि आपके बैंक खातों की डिटेल ₹30000 से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक बेची जा रही है।

बैंक खातों की डिटेल ₹30000 से ₹1500000 में बेची जाती है

दिल्ली पुलिस ने चीनी ठगों को भारतीय नागरिकों का डाटा देने और उनसे कमीशन लेने की एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। 

इस गैंग के आरोपियों का नाम रवि कुमार, जावेद अंसारी और विकास यादव है। लोगों की बैंक डिटेल चीनी कंपनियों को देकर यह लोग मुनाफा कमाते थे।

दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगों के इस गैंग के एक व्यक्ति रवि कुमार पंकज को राजस्थान के झालावाड़ से गिरफ्तार किया है। 

रवि कुमार पंकज के बैंक खाते की स्टेटमेंट को देखकर आपको हैरानी होगी, क्योंकि इस खाते में एक ही दिन में 19.43 करोड रुपए का लेनदेन हुआ था।

एक व्यक्ति को पैसे चाहिए थे, तो उसने प्ले स्टोर से मैजिक मनी ऐप डाउनलोड किया और ₹65000 का लोन लिया और समय पर भुगतान कर दिया।

भुगतान के बाद भी रिकवरी एजेंट के फोन आने लगे और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर दोबारा भुगतान करने की धमकी देने लगे, जिस पर उसने पुलिस में शिकायत की। 

कॉल डिटेल के आधार पर मोबाइल नंबर से जुड़े बैंक खातों के डिटेल को खंगाला गया, तो जांच से पता चला कि जालसाजो ने एक कंपनी के दस्तावेजों को ऑनलाइन डाउनलोड किया था।

मैसर्स टॉवियर अपेरल प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल पेमेंट गेटवे पर एक ऑनलाइन निपटान खाता खोलने के लिए किया गया था। 

पूछताछ में रवि कुमार पंकज ने बतलाया कि उसने मनीष मेरा को ₹15000 प्रति बैंक खाते की दर से अपना बैंक खाता और चार अन्य खाते भेजे थे।

मनीष मेहरा ने इन खातों को जावेद रजा अंसारी को बेच दिया था जिनसे उन्होंने टेलीग्राफ ऐप के जरिए संपर्क किया था। 

जावेद अंसारी ने खुलासा किया कि उन्होंने एक मलेशियाई नागरिक को यह डिटेल 30,000 प्रति बचत बैंक खाता और 50000 प्रति चालू बैंक खाता और आईसीआईसीआई बैंक के चालू खाते को डेढ़ लाख रुपए में बिक्री किया था।